आईएन (इन) डोमेन नाम विवाद निपटान नीति (आईएनडीआरपी)
पोस्ट: 28 जून 2005
- परिभाषाएं मध्यस्थ से अभिप्राय उन विशेषज्ञों से है जो कंप्यूटर / और, अथवा कानूनों में विशेषज्ञता रखते हैं, अत्यधिक पेशेवर हैं और डोमेन नाम संबंधी विवादों में स्वतंत्र और निष्पक्ष निर्णय देने में सक्षम हैं। शिकायतकर्ता से अभिप्राय उस व्यक्ति से है जिसने रजिस्ट्रेंट के विरुद्ध शिकायत की है। .इन रजिस्ट्री: इस नीति और इसके तहत रचित नियमों में जहां पर इसका उपयोग हुआ है, .इन रजिस्ट्री से अभिप्राय नेशनल इंटरनेट एक्सचेंज ऑफ इंडिया (निक्सी) है, जो कि भारतीय कंपनी अधिनियम, 1956 की धारा 25 के अंतगर्त पंजीकृत कंपनी है। व्यक्ति में व्यक्ति, संस्था, संगठन, कंपनी, भागीदारी अथवा कोई अन्य विधि इकाई इत्यादि शामिल है। रजिस्ट्रार से तात्पर्य डोमेन नाम रजिस्ट्रार है जो रजिस्ट्रार प्रत्यायन संधि के अनुसरण में .इन रजिस्ट्री के साथ विधित: प्रत्यायित है और .इन रजिस्ट्री, www.registry.in पर सूचीबद्ध है। "रजिस्ट्रेंट" .इन इंटरनेट डोमेन नाम का धारक है।
- प्रयोजन
यह .इन (आईएन) डोमेन नाम विवाद निपटान नीति (यह “नीति”) में रजिस्ट्रेंट और शिकायतकर्ता के बीच .इन डोमेन नाम के पंजीकरण और उपयोग के कारण होने वाले विवाद के निपटान हेतु निबंधन और शर्तें निर्धारित करती है।
- रजिस्ट्रेंट के अभ्यावेदन
डोमेन नाम के पंजीकरण हेतु आवेदन करने के द्वारा अथवा रजिस्ट्रार से किसी डोमेन नाम के पंजीकरण का अनुरक्षण करने या नवीकरण करने का अनुरोध करने पर, रजिस्ट्रेंट दर्शाता है और वारंटी देता है कि :
(क) डोमेन नाम के पंजीकरण हेतु रजिस्ट्रेंट ने अपने आवेदन पत्र में जो कथन दिए हैं वे पूर्ण तथा सही हैं;
(ख) रजिस्ट्रेंट की जानकारी के अनुसार डोमेन नाम का पंजीकरण किसी तृतीय पक्ष के अधिकारों का अतिक्रमण अथवा अन्यथा उल्लंघन नहीं करेगा;
(ग) रजिस्ट्रेंट डोमेन नाम का पंजीकरण किसी गैर - कानूनी प्रयोजन हेतु नहीं कर रहा हैं।;
(घ) रजिस्ट्रेंट किसी लागू होने योग्य कानूनों अथवा विनियमों के उल्लंघन में जानबूझकर डोमेन नाम का उपयोग नहीं करेगा।
रजिस्ट्रेंट का डोमेन नाम पंजीकरण किसी अन्य के अधिकारों का हनन अथवा उल्लंघन करता है या नहीं, यह निर्धारित करना रजिस्ट्रेंट का उत्तरदायित्व है।
- विवादों का प्रकार
कोई भी व्यक्ति जो यह मानता है कि कोई पंजीकृत डोमेन नाम उसके वैध अधिकारों अथवा हितों के विरुद्ध है तो वह निम्नवत् तथ्यों के आधार पर .इन रजिस्ट्री में शिकायत कर सकता है :
(i) रजिस्ट्रेंट का डोमेन नाम उस नाम, ट्रेडमार्क अथवा सेवा चिह्नन के समरूप है अथवा उसके समान प्रतीत होती है जिस पर शिकायतकर्ता का अधिकार है।
(ii) डोमेन नाम के संबंध में रजिस्ट्रेंट का कोई अधिकार या वैध हित नहीं है।
(iii) रजिस्ट्रेंट का डोमेन नाम गलत प्रयोग हेतु पंजीकृत किया गया है अथवा उपयोग किया जा रहा है।
शिकायतकर्ता के .इन रजिस्ट्री में शिकायत करने की दशा में रजिस्ट्रेंट को इस नीति तथा इसके तहत रचित नियमों के अनुपालन में एक अनिवार्य मध्यस्थता कार्यवाही भेजनी होगी।
- विवाद निपटान की प्रक्रिया
.इन रजिस्ट्री, रजिस्ट्री द्वारा अनुरक्षित मध्यस्थों की सूची में से एक मध्यस्थ की नियुक्ति करेगी।
.इन रजिस्ट्री द्वारा अपनी वेबसाइट www.registry.in पर मध्यस्थों की सूची ऑनलाइन प्रकाशित की जाएगी।
मध्यस्थ द्वारा माध्यस्थम कार्यवाही समय-समय पर संशोधित माध्यस्थम और सुलह अधिनियम 1996 के अनुसार तथा इस नीति और इसके तहत रचित नियमों के अनुसार की जाएगी।
- डोमेन नाम का गलत प्रयोजन हेतु पंजीकरण एवं उपयोग का साक्ष्य
पैरा 4 (iii) के प्रयोजनों हेतु यदि मध्यस्थ पाता है कि विशेष रूप से निम्न परिस्थितियां लेकिन इनकी कोई सीमा नहीं है, विद्यमान हैं तो वह डोमेन नाम का गलत प्रयोजन हेतु पंजीकरण एवं उपयोग का साक्ष्य होंगी :
(i) परिस्थितियां जो यह दर्शाती हैं कि रजिस्ट्रेंट ने डोमेन नाम का पंजीकरण या अधिग्रहण, मुख्यत: डोमेन नाम पंजीकरण को शिकायतकर्ता जिसके पास ट्रेडमार्क या सेवाचिह्नन का नाम है अथवा जो इनका स्वामी है को अथवा शिकायतकर्ता के प्रतियोगी को डोमेन नाम के संबंध में रजिस्ट्रेंट द्वारा बताई गई वास्तविक (आउट ऑफ पॉकेट) लागत से अधिक उचित / प्रतिफल प्राप्त करने हेतु बेचने, किराए पर देने अथवा अंतरित करने के प्रयोजन से कराया गया है; अथवा
(ii) रजिस्ट्रेंट ने डोमेन नाम का पंजीकरण ट्रेडमार्क अथवा सेवाचिह्रन के स्वामी को संगत डोमेन नाम में इनको प्रदर्शित करने से रोकने के लिए कराया है बशर्ते कि रजिस्ट्रेंट ऐसे आचरण में लिप्त है; अथवा
(iii) डोमेन नाम के प्रयोग द्वारा रजिस्ट्रेंट ने जानबूझकर रजिस्ट्रेंट की वेबसाइट अथवा लोकेशन के स्रोत, प्रायोजकता, मान्यता अथवा पृष्ठांकन (एन्डोर्समेंट) अथवा रजिस्ट्रेंट की वेबसाइट अथवा लोकेशन पर किसी उत्पाद अथवा सेवा के प्रति शिकायतकर्ता के नाम अथवा चिह्रन के साथ संदेह जैसी स्थिति उत्पन्न कर रजिस्ट्रेंट की वेबसाइट अथवा अन्य ऑन लाइन लोकेशन की ओर इंटरनेट प्रयोक्ताओं को आकर्षित करने का प्रयास किया है।
- डोमेन नाम में रजिस्ट्रेंट का अधिकार और वैध हित
विशेषतौर पर लेकिन असीमित रूप से निम्न में से कोई भी परिस्थिति, यदि मध्यस्थ के समक्ष सभी प्रस्तुत साक्ष्यों के मूल्यांकन के आधार पर प्रमाणित हो जाती है तो यह पैरा 4 (ii) के प्रयोजनों हेतु डोमेन नाम में रजिस्ट्रेंट के अधिकारों अथवा वैध हितों को प्रदर्शित करेगी :
(i) रजिस्ट्रेंट को विवाद की कोई सूचना भेजने से पूर्व, रजिस्ट्रेंट का सदाक्षय रूप से माल या सेवाएं प्रदान करने के संबंध में डोमेन नाम या डोमेन नाम के संगत नाम का उपयोग अथवा उपयोग हेतु प्रदर्शनीय तैयारी;
(ii) रजिस्ट्रेंट (व्यक्ति, व्यवसाय अथवा अन्य संगठन के रूप में) को सामान्यत: डोमेन नाम से जाना जाता है। चाहे रजिस्ट्रेंट ने कोई ट्रेडमार्क अथवा सेवा चिह्रन अधिकार अधिग्रहीत न किया हो; अथवा
(iii) रजिस्ट्रेंट, भ्रामक रूप से उपभोक्ताओं का ध्यान अन्यत्र खींचने अथवा जारी ट्रेडमार्क अथवा सेवा चिह्रन को कलंकित करने के लिए वाणिज्यिक लाभ प्राप्त न करने की मंशा से डोमेन नाम का गैर वाणिज्यिक अथवा उचित उपयोग कर रहा है।
- शुल्क
इस नीति अथवा इसके अंतर्गत रचित नियमों में जो बताया गया है उसके अलावा इस नीति के अनुसरण में किसी विवाद के संबंध में .इन रजिस्ट्री द्वारा प्रभारित शुल्क का भुगतान शिकायतकर्ता द्वारा किया जाएगा।
- माध्यस्थम कार्यवाहियों में रजिस्ट्री और रजिस्ट्रार की भूमिका
रजिस्ट्री और रजिस्ट्रार, डोमेन नाम विवाद निपटान कार्यवाहियों में मध्यस्थ के अनुरोध पर पंजीकरण और डोमेन नाम के उपयोग से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने के अलावा किसी भी क्षमता अथवा रूप में भागीदारी नहीं करेगा। न तो रजिस्ट्री और न ही रजिस्ट्रार मध्यस्थ द्वारा दिए गए किसी भी निर्णय के लिए उत्तरदायी नहीं होगा।
- उपचार
मध्यस्थ के समक्ष किसी कार्यवाही के अनुसरण में शिकायतकर्ता के पास उपलब्ध उपचारात्मक उपाय रजिस्ट्रेंट के डोमेन नाम को रद्द करने अथवा रजिस्ट्रेंट के डोमेन नाम के पंजीकरण को शिकायतकर्ता को अंतरित करने तक सीमित हैं। इसके लिए मध्यस्थ द्वारा उचित लागत भी लगाई जाएगी।
- अधिसूचना और प्रकाशन
इस नीति के अंतर्गत सभी निर्णय पूर्ण रूप में इंटरनेट पर प्रकाशित किए जाएंगे सिवाय इसके कि जब किसी मध्यस्थ पैनल द्वारा किसी अपवाद-स्वरूप मामले में अपने निर्णय के भागों को हटाने का निर्णय लिया गया हो।
- विवाद के दौरान अंतरण
रजिस्ट्रेंट द्वारा डोमेन नाम पंजीकरण अन्य धारक को अंतरित नहीं किया जाएगा :(i) यदि उक्त, कार्यवाही समाप्त होने के बाद इस नीति के अनुसरण में 15 कार्यदिवसों की अवधि के लिए (“कार्य दिवस’’ से तात्पर्य शनिवार, रविवार अथवा सार्वजनिक अवकाश से इतर कोई दिन है) माध्यस्थम कार्यवाही आरंभ की जाती है; अथवा
(ii) डोमेन नाम से संबंधित लंबित न्यायिक प्रक्रिया अथवा आरंभ की गई माध्यस्थम कार्यवाही के दौरान, जब तक कि जिस पक्ष को डोमेन नाम पंजीकरण को अंतरित किया जाना है, लिखित में, सहमति नहीं देता, न्यायालय अथवा मध्यस्थ का निर्णय मान्य होगा।
रजिस्ट्री के पास इस पैराग्राफ के उल्लंघन में डोमेन नाम के पंजीकरण को किसी अन्य धारक को अंतरित करने को रद्द करने का अधिकार सुरक्षित है।
- नीति संबंधी आशोधन
भारत सरकार के पास किसी भी समय इस नीति (और इसके तहत रचित नियमों) में कुछ जोड़ने, इसमें संशोधन करने अथवा इसमें आशोधन करने का अधिकार सुरक्षित है। संशोधित नीति को प्रभावी होने से कम से कम 15 कैलेंडर दिवस पूर्व रजिस्ट्री की वेबसाइट www.registry.in पर पोस्ट किया जाए। संशोधित नीति के कार्यान्वयन की तिथि से पूर्व प्राप्त शिकायतों पर शिकायत भेजने के समय लागू नीति के अनुसार विचार किया जाएगा और उन पर निर्णय लिया जाएगा। लेकिन, संशोधित नीति के लागू होने की तिथि से प्राप्त होने वाली सभी शिकायतों पर संशोधित नीति के अनुसार विचार किया जाएगा। रजिस्ट्रेंट पर .इन रजिस्ट्री द्वारा समय-समय पर बनाई गई नीतियों, नियमों, दिशानिर्देशों, उप-कानूनों के निबंधन और शर्तें लागू होंगी।
